Mashaal Lyrics today i told about this post. “Mashaal” is a declaration of leveling up. Bars representing the core of the legendary Bombay rapper, with sharp flows rooted in the rulebook of the streets. Mashaal is a reminder that the culture of the streets is a story that can only be told by a select few who have lived it. The one and only Naezy the Baa is back with a fresh, bold 2026 sound, produced by Ae Zed En, educating the game about what’s missing in modern rap and reminding us of the core by shifting the focus back to the skill of wordsmith.
Mashaal Lyrics
अलग रास्ते चुने काबिल शख्स बनना था
प्यासों बड़े घर का पेट भरना था
आस नहीं खिसके सपने सफल करना थाहाय मारी ऊज पे खत्म करा सन्नाटा
मौत से गरीब जुबां पे हर पल कलमा क्या
रािक वो रहीम परवरदिगार वही अन्नदाता
दुआ होगी कुबूल फायदा सबका मन चाहता
मत अपनी गलती भूल ऐसे नहीं चलता धंधा क्या
तुझ पे बड़ी चूल गलती से लेना पंगा क्या
इफ आई लूज माय कूल रस्तों पे होगा नंगा क्या
सीट के उसूल जंग में पुन्नी तनहा क्या
दब का दायरा तोड़ उल्टी रस्सी से टंग आता
पुन से करा झोल भारी पड़ेगा मरना क्या
ज्यादा खुश मत हो पता चलेगा कर्मा के
अंतरराष्ट की पहुंच दिल पे राज तिरंगा का
रात दिन मत सोच शक्ति कोई नहीं शंका क्या
आगे जाना चाह रहे हो वापस पीछे आ रहे हो
ऊपर रहना चाह रहे हो सीधा नीचे जा रहे हो
हमसे जीत नहीं पा रहे हो हर कोशिश बेकार
शूटर अल्ट्रा सारे सीमा सारी पारे
बारूद हम चबा रहे उगा रहे ले ज्वाले
वो तुम का के यहां पे खाना क्या तुम जाना जा रहे
बचकाने भी नफरत के प्यारे फोकट क्यों जा रहे
लोग मचाते जा रहे छूट रहे छुटाते जा रहे
ठोक रहे ठुकते जा रहे मौत तो कुर्बानी जाने
चोक तो चीट दो सीट तो जा रहे
भीख तो क्यों सीख तो फिर जीते जा रहे
रिस्क उठा के चीज ला रहे कोई हलक नहीं डीप जा रहे
तेरे आड़ी वो भीख जा रहे गरमा गर्मी हीट ला रहे
गाली दे तू जीप काटे उन्हें कौन सी चीर मारे
म्यूजिक सुन के ओ आ रहे तुम तैयार है हम तैयार है
कितना कुछ तू मोटा रे घंटा कुछ उगा काटी पारे
नाके पे तैनात शाने घर तक देखो को जोड़कर आ रहे
चलने वाले नहीं बहाने असली हम लोगों ने माने
झेलेंगे नहीं अब कोई ताने टाइट कर ले तू पकड़ पाने
हाइपर चढ़ तू अंतर्यामी भाई तेरा है अंतर्यामी
जातपात का अंतर्यामी अदब कर या शक्कर खानी
एक से एक है कट प्राणी पहले से है हट करानी
उम्मीदों पर मंदिर पानी जागरूक क्रांतिकारी
हार्ड फ्लो चमकेगा मचाए भाई सा को खटकेगा
वटाए क्या खास दोस्त भटकेगा होशियारी ना राज को गूंजेगा
मलाई खाए आज नहीं अटकेगा बनाए जाए
मालूम क्यों तू लटकेगा तन्हाई भाई सब लोग यहां पे अपने
क्या तू यहां नया आए झूठ तेरी ही झटकेगा बचाए भाई
मैं तो नहीं बॉस बाट ले पहले जा रेली
बैक टू बैक नाके पे चालू कैरम तू जाने की जरूरत नहीं
हकीकत से मिलाओ क्या फ़ौरन बेटा जा भी बैठेगा
अपनी माहौल बन जाता या चरण तुम ना ठई
तुम हम सुरम बचत तुम नरम का शर्म
हम सीधा तोड़े परम नहीं किसी कोई मजाल
माथे से हर वक्त आ रहा मेटर की मशाल
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